Wednesday, 25 September 2019

गजल


गजल
रस्ते सभी जहाँ के ढब आसान जिंदगी
तू ही उलझ के रह गयी नादान जिंदगी।१।
पानी हवा बहुत  है  यूँ  जीने  के वास्ते
करती इकट्ठा  मौत का सामान जिंदगी।२।
जीवन नहीं करे है तू जीवन सा पर करे
सासों पे झूठ - मूठ का अहसान जिंदगी।३।
क्यूबा बनी सोमालिया, ईराक, सीरिया
कब होगी तू पता नहीं जापान जिन्दगी।४।
देती है उसको मान ढब आती है मौत जब
करती नहीं है खुद का पर सम्मान जिंदगी।५।
मौलिक/अप्रकाशित

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